Affiliation No: - 2132980 | Period: - 01.04.2020 to 31.03.2023 | School Code: - 71048 | Affiliated till Senior Secondary

Experiential Learning

Experiential Learning

Lesson Ticket Album taken in class VI

यह एक बाल प्रद कहानी है | आज के समय में तकनीकी ने बहुत उन्नति कर  ली है| अब डाक का प्रयोग न के बराबर हो रहा है|इस पाठ के माध्यम से बच्चों ने डाक टिकट के इतिहास के साथ-साथ  उसे जुड़ी महत्त्वपूर्ण जानकरियों को जाना |

अंत में बच्चों ने भी डाक टिकट अलबमतैयार की साथ ही अपने घर की पुरानी डाक  को उत्साह से ढूंढा और उसे कक्षा में प्रस्तुत किया |साथ ही अपनी जानकारीभी साझा की |

इस पाठ को sway के द्वारा कक्षा में प्रस्तुत किया गया ,पाठ पर आधारित जानकारी इस प्रकार है –

टिकट अलबम कहानी सुंदरा राम स्वामी जी द्वारा लिखी गयी एक बाल प्रद कहानी है। कहानी में राजप्पा नाम के एक लड़के के बारे में बताया गया है ,जिसे टिकट एलबम बनाने का शौक है। वह टिकट इकठ्ठा करने के लिए बहुत मेहनत करता था। स्कूल से घर लौटने पर वह मीलों पैदल चलाकर टिकट लाने जाता था।

टिकट से सम्बन्धित विशेष जानकारी

 

दुनिया के पहले डाक टिकट ‘पेनी ब्लैक’ का आधिकारिक इस्तेमाल साल 1840 में 6 मई की तारीख को ही हुआ था |

  1. यह डाक टिकट ब्रिटेन में जारी किया गया था|
  2.  इसका आविष्कार अंग्रेजी शिक्षक और समाज सुधारक रोलैंड हिल ने किया था |
  3. इस डाक टिकट में काले बैकग्राउंड पर महारानी विक्टोरिया का चित्र बना था|

विश्व डाक दिवस ९ अक्तूबर को मनायाजाता है |

भारत का पहला डाक टिकट 21 नवंबर 1947 को जारी हुआ। इसका उपयोग केवल देश के अंदर डाक भेजने के लिए किया गया। इस पर भारतीय ध्‍वज का चित्र और जय हिंद लिखा हुआ है। आजाद भारत का पहला डाक टिकट साढ़े तीन आना राशि यानी 14 पैसा था।

इस पर भारतीय ध्वज का चित्र लगा हुआ था। डाक टिकट की यह राशि 1947 तक ‘आना’ में ही रही, जबकि रुपए की कीमत ‘आना’ की जगह बदल कर ‘100 नए पैसे’ में कर दी गई। वैसे 1964 में पैसे के साथ जुड़ा ‘नया’ शब्द भी हटा दिया गया। 1947 में एक रुपया ‘100 पैसे’ का नहीं बल्कि ’64 पैसे’ यानि 16 आने का होता था और इकन्नी, चवन्नी और अठन्नी का ही प्रचलन था। देश मे भेजे जाने वाली डाक के लिए पहले डाक टिकट पर अशोक के राष्ट्रीय चिन्ह का चित्र मुद्रित किया गया। इसकी कीमत डेढ़ आना थी। इसी तरह विदेश में भेजे जाने वाले पत्रो के लिए पहले डाक टिकट पर डीसी चार विमान का चित्र बना हुआ था, उसकी राशि बारह आना यानि 48 पैसे की थी।

प्रसिद्ध भारतीय हस्तियाँ जिनके जीवन काल में ही जारी हो गए उनके डाक टिकट |

पाठ से जुड़ी रोचक जानकारी
बाल दिवस पर छापे जाने वाले रोचक डाक टिकट

रामायण के महत्व और ज्ञान को देते हुए रामायण पर आधारित डाक टिकट


हिंदी साहित्य पर आधारित डाक टिकट


जीव –जन्तु तथा वनस्पति पर आधारित टिकट अलबम

Share this post


Enquire Now
close slider